जीना तो पापा ने सिखाया है..

लोग कहते हैं माँ की ममता में

मिल जाता जन्नत का साया है

माँ तो बेशक देती है जीवन

पर जीना तो पापा ने सिखाया है

बचपन में उनका हाथ पकड़कर

चल्ना सीख जाते हैं

तकलीफ़ों की बारिश में वो

अकेले ही भीग जाते हैं

उस पिता को कोई कैसे भूले

जिसने हर नोट के पीछे पसीना बहाया है

जीना,तो पापा ने सिखाया है

बच्चा साँवला हो या गोरा

पापा कन्धों पे चढा लेते थे

चाहे कितने ही तनाव में हूं खुद

किसी तरह सबको हसा लेते थे

भूलकर अपनी हर परेशानी को

मेरी जिन्दगी में उन्होने रन्ग जमाया है

जीना,तो पापा ने सिखाया है

जो हर दिन जीता परिवार के लिये

आज उन्हे बधाई देने का दिन आया है

मगर कैसे कोई एक दिन में जाहिर करे

कितने खुशकिस्मत हम हैं जो आपको पाया है

बस आपकी वो आँखें देख सकुन जिन्होंने

अपने बच्चे को अपने पेरों पे खड़ा पाया है

आखिर जीना,तो पापा ने सिखाया है

~Mayank Sablani ( Instagram: @poetry_hub_789 )


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