मृत्यु

पूरी जिंदगी जीते हैं लोग मृत्यु को पाने के लिए अभी तलक तो बस सुना था  आज करीब से देख ही लिया अजीब भयावह मंजर था वह जिन्हें जिंदगी भर अपना कहा वही शमशान जलाने लाए थे दुनिया की इस भीड़ भाड़ से मुझे निजात दिलाने आए थे। बदन पे ना कोई वस्त्र था ना ही पांव में चप्पल मैं भी खड़ी निहार रही थी अंतिम दर्शन का वह मंजर तभी किसी ने आवाज लगाई और देर ना करो, मृतक शरीर को अग्नि दो रूह तड़पती रही मचलती रही पर बेबस मैं कुछ कर न सकी धीरे धीरे मेरा जिस्म जलने लगा मेरे अपने खड़े मुझे निहार रहे थे शरीर ना जलने पर कुरेद कर जला रहे थे मेरी आत्मा चिल्लाती रही चीखती रही मगर किसी ने मेरी उफ ना सुनी तभी अलार्म की घंटी बजी महसूस हुआ मैं नींद में थी और यह बस एक सपना था एक भयानक सपना जो एकमात्र सत्य है पसीने से लथपथ मैं खुद को कोस रही थी तब याद आए मुझे मेरे खुदा पूरी जिंदगी जिन्हें अपना कहा असल में वो अपने ना थे अपना तो बस मेरा खुदा है जिसने मरने के बाद भी मुझे अपनी शरण में लेना है।  ~Megha Singh (Instagram : @singhmeghajd )

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