Furqat

मेहबूब का ख़त ए हाजत क़ासिद लाया ,

पढ़ता है “ खर्च होगया वो दिल जो तुमने था रखवाया"

मशियत ए जज़्बातों का बोहरान बताया ,

उनकी तंग हालि पर मुझे बेहद तरस आया ,

फ़ौरन ही मैंने लिफ़ाफा ए फुरकत में पैग़ाम ए आज़ादी भिजवाया !


@suvaibazaheen

7 views

©2019 by Not Yet.